कृष्ण की रास लीलाएं, छल-कपट, साजिशें

ये सच है पाठको कि गीता में कही गई कुछ बातें विवादास्पद और महाभारत जंग, अय्याशी, जुआ, मक्कारी, छल-कपट और अपनों के साथ मार-काट, व बुजुर्गों को भी मत बख्शो जैसी बातों से परिपूर्ण है। रूस का गीता को प्रतिबंधित करने की कवायद सार्थक मानी जा सकती है क्योंकि गीता के कुछ संदेश निगेटिव तरीके से भी लिए जा सकते हैं और आज भारत का नागरिक इन्हीं निगेटिव चीजों को हाथों-हाथ ले रहा है और मैं ये भी बताऊँगा कैसे इसकी वजह से समाज विक्षिप्त हो चला है और जहाँ तहां देखो इसके सत्संग के सिवा और उसके दुष्प्रभाव के अलावा और कुछ नजर नहीं आता है सही पूछो तो इन धार्मिक ग्रंथों के ऐसे ही कुछ हिस्सों की वजह से ही समाज दूषित हो गया है वो कैसे ये आप भी जानते हो और मैं भी अगर आप मेरी नजर से इन धार्मिक ग्रंथो के प्रभाव को जानोगे तो आपको सब कुछ शीशे की तरह साफ़ नजर आएगा. न्यूज़ पेपर आप भी पढते हो और मैं भी। 

कृष्ण की रास लीलाएं व छल-कपट तथा साजिशें

सबसे पहले में मैं कृष्णा पर ही बात करता हूँ जिसके चरित्र का हमारे समाज पर गहरा प्रभाव है वो नकारात्मक जिस तरह से कृष्ण जी ने रासलीलाएं रचाई है ठीक उसी प्रकार आम इंसान भी समाज में रासलीलाएं रचा रहा है यानी घरवाली और बाहर वाली एक नहीं कई-कई बाहरवाली रखने की जुगत में रहता है जैसे की शायद उडीसा के एक साहब थी जिन्होंने दर्जनों बीवियां रखी हुई थी कुल मिलकर डेढ़ सौ सदस्यों का परिवार है एक अकेले का उसगरीब की तो कहानी सार्वजनिक हो चुकी मगर हमारे समाज में कुछ ऐसे सरमायेदार है जो गुप्त रूप से कई-कई रखैल रखे हुए है और उनके मुकद्दमें भी चल रहे है और कैद भी हो चुकी जैसे की मदेरणा साहब, अमरमणि और सुशिल शर्मा वगैरा…मुझे यहाँ जयादा लिखने की जरुरत नहीं है हर पढ़ा-लिखा नागरिक इनके बारे में जानता है कुछ की तो अय्याशियाँ सार्वजानिक ही नहीं हुई है रही आम जन की बात आप आये दिन टीवी में मियाँ-बीवी की जूत-पजार गाहे-बगाहे देखते ही रहते हो और रही टीनेजर्स की बात तो ये भी किसी से कम नहीं है मतलब कहने का कई-कई गर्ल फ्रेंड्स रखने का ट्रेंड सा निकल पड़ा है और इनका एंड एक भयानक त्रासदी पर जाकर ही दम लेता है मैं किसी को क्या कहूँ मैंने भी एक ही समय में चार-चार बाहरवाली रखी हुई थी मैं भी कृष्णा से ही प्रेरित था मेरा भी अपनी बीवी से यही कहना होता था जब कृष्णजी कई-कई रख सकते है तो मैं क्यूँ नहीं रख सकता इस पर मेरी पत्नी भी किसी और के चक्कर में पड़ गई और जब मुझे पता लगा तो मैंने कहा तू अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगी तो उसका सीधा सा जवाब था आप का जेल आना जाना लगा रहता है तो मैं क्या करूँ मैं भी द्रोपदी बन गई इसमें हर्ज ही क्या है जब आप कृष्ण बन सकते हो तो मैं भी द्रोपदी बन सकती हूँ बाकि कहानी आप अपने आप समझ लेना अब रही बात छल-कपट और साजिशों की तो वो हमें घर में टीवी के जरिये देखने को मिल ही रही है ये सीरिअल भी गीता और महाभारत की कारगुजारियों से लैस होते है इसमें आपको शक हो सकता है मुझे तो कम से कम नहीं है. आज समाज में जिसे भी देखो वो कृष्ण को ही फोलो कर रहा है फिर चाहे वो जाने अनजाने ही कर रहा हो. एक चीज और जो मैंने एनबीटी में पढ़ी फरीदाबाद में एक साले ने अपने जीजा को निबटा दिया उसने प्रण किया था कि जब तक वो उसे निबटा नहीं देगा तब तक नंगे पैर रहेगा, घातक फिल्म आप सभी ने देखी होगी उसमें भी साला कात्या का नाश करने के बाद ही अपने बदन पर कमीज पहनता है ये तो बानगी भर है जो कि द्रोपदी से प्रेरित है या भीम से प्रेप्रित है शायद  भीम ने भी ऐसी ही कुछ कसम खाई थी कोई बाल ना कटाने की कसम खता है तो कोई चोटी ना बाँधने की कसम खाता है जैसे कि चाणक्या. जेल में इस तरह के कई बंदे है एक बन्दा बी.डी. बण्डल थ�� जेल न.तीन में जिसने कसम खाई थी की जब तक वह अप��ी भाभी के बलात्कारी की मुंडी काटकर बिहार नहीं लाएगा तब वो चैन से नहीं बैठेगा और उसने किया भी रेल में पकड़ा गया और पीपे में मुंडी बरामद हुई थी अब आप ही बता सकते हो कि गीता से प्रेरित होने वाले या महाभारत घातक हुई या नहीं. 

जुआ प्रसंग

अब जुए की बात करते है आज हमारे समाज में सट्टे का प्रचलन चल पड़ा है जुए के कारण कई घर-परिवारों में रोटी तक के भी लाले पड़े हुए है और बातों की तो छोडो और ज्यादा असर क्रिकेट की वजह से पड़ा है बस जुए का प्रारूप बदला है तरीका वही है टेक्नीक का विकास होने वजह से सब-कुछ गुप-चुप तरीके से सब चलता रहता है नतीजा कोई बीवी पति को छोड बच्चों समेत सुसाइड कर लेती है तो कोई खुद ही मौत को गले लगा लेती है और तो और कोई-कोई पति तो ऐसे होते है जो पूर परिवार को जहर देकर खुद भी जहर खाने को मजबूर हो रहे है कोई तमोला, पपलू, रम्मी तो कोई सट्टे में मशगूल है अब आप ही बताओ ये गीता का असर नहीं है तो क्या है और तो कई केस तो आपको ऐसे भी मिल जायेंगे जहां घर-बार की तो छोडो अपनी बीवी तक को दाव पर लगाने से बाज नहीं आते है. अब आप ही बताओ ये गीता-महाभारत का असर नहीं है तो किसका है

गुरुद्रोनाचार्य भीष्मपिताम और तो सब बातें छोडो महाभारत की वजह से गुरुओं दादा-दादी और बुजुर्गों की जान पर बन आई है प्रापर्टी के लालच में आज के टीनेजर या फिर चाहे शादीशुदा हों अपने बुजर्गों और दादा-दादी की जान लेने पर उतारू है और स्टूडेंट अपने टीचरों और प्रोफेसरों की जान ले लेने पर अमादा है यानी सब कुछ कुछ बर्दास्त के बाहर हो चला है आज के परिवेश में छात्र तमंचा लेकर स्कूल पहुँच जाता है पोता दादा-दादी की गला घोटकर हत्या कर देता है बेटा अपने बाप को ही चलता कर देता है बेटी अपनी अपने बाप को ही गड्डी चढ़ा दे रही है. अब यहाँ भी आप ही बताओ महाभारत का असर नहीं है तो फिर ये किसका असर है पुलिस दिन रात बुजुर्गों की सेफ्टी के लिए घोड़े दौड़ा रही है मगर हालात है काबू में आने का नाम नहीं ले रहे है उधर दिल्ली का पुलिस कमिश्नर परेशान है तो कहीं ट्रैफिक कमिश्नर परेशान तो कहीं सरकार परेशान हो रही है कि आखिर ये हो क्या रहा है (हो क्या रहा है सब महाभारत के असर हो रहा है) इसका आसान सा सोलूशन मेरे पास है क्यूँ ना इसकी जड़ तक जाया जाये इसकी सारी जड़ है यही धार्मिक ग्रंथ या पौराणिक ग्रंथ. अब आपकी क्या राय है आप जाने मैंने तो अपनी राय बता दी है और मुझे पक्का यकीन है आप मेरी तरह बेबाकी से अपने बारे में बता भी नहीं सकते.

 

23 thoughts on “कृष्ण की रास लीलाएं, छल-कपट, साजिशें

  1. what an great article…. superb well said…. 100% truth brother … krishna ne launde bazi bhi ki… woh sirf chokri nahi chodta tha balki choot darshan na hone par usne sudaba ko apni hawas ka shikar banaya… aaaj bhi hindustan mai launde bazi ka parchalan krishna se hi hai

  2. Geeta ka giyan wahi janta hai jisney bhoga hai God aaj bhi tumari bech hai per tum sabhi usko mahshush nahi kar rahi ho mey janta hu manav bura ha to bus apni soch se warna jo God ko manta hai uskey pass hamesha Geeta ka gyan hoga duniya ko paap se muket karney key liya phir se mey aya hu per mujhe koi nahi dekh sakta hai aur na dekh sakiga kiyoki maali chadar odey kar pather bana diya insan

  3. manav vinash key sath pargati kar raha hai aur mey khush hu per money key agai wo bul raha hai ki duniya mey ek sachai bhi ha aur woh hai OM

  4. dekh bailikha to sab hai tune aur sahi bhi lagata hai par pura sahi nahi hai tuze pura explain kar sakata hu ak saccha hindu hone ke nate par nahi karana chahata reason ye hai mere bhai ki hindu kabhi piche nahi padata ki aap hindu dharma swikaro………to please aap bhi hamare piche na pado to hi acchha hai …….aapka jo bhi dharm hai study karo hame hamare hal par chod do…………

  5. Bhosri waalo agar ram bhagwaan hota to uski patni ko rawan utha kr nhi le jaata chalo le v gya
    to ram uska pata khud hi lagate
    doosro ki madad na lete
    q k bhagwaan WO hota hai Jo duniya k tamam cheezo ka rakhwaala hota hai
    doosro ka mohtaaz nhi

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